Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 60
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VṛttiGovind
LSK 1270
डीष्-विधायकं विधिसूत्रम्
इतो मनुष्यजातेः
Aṣṭādhyāyī 4.1.65
Vṛtti Varadarājācārya

डीष्। दाक्षी।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

१२७०- इतो मनुष्यजातेः। इतः पञ्चम्यन्तं, मनुष्यजातेः पञ्चम्यन्तं, द्विपदं सूत्रम्। अन्यतो डीष् से डीष् की अनुवृत्ति आती है। प्रातिपदिकात्, स्त्रियाम्, प्रत्ययः, परश्च का अधिकार है।

मनुष्यजातिवाचक ह्रस्व इकारान्त प्रातिपदिक से स्त्रीत्व की विवक्षा में डीष् प्रत्यय होता है।

दाक्षी। दक्ष की सन्तान स्त्री, दक्ष की कन्या। दक्षस्यापत्यं स्त्री। दक्ष शब्द से तद्धित में अत इञ् से इञ् होकर के दाक्षि बना है। इससे स्त्रीत्व की विवक्षा में इतो मनुष्यजातेः से डीष् होकर अनुबन्धलोप, भसंज्ञक इकार का लोप करके दाक्षी बना है। स्वादिकार्य करना न भूलें, दाक्षी।