Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 60
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VṛttiGovind
LSK 1254
ष्फ-प्रत्ययविधायकं विधिसूत्रम्
प्राचां ष्फ तद्धितः
Aṣṭādhyāyī 4.1.17
Vṛtti Varadarājācārya

यजन्तात् ष्फो वा स्यात् स च तद्धितः।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

१२५४- प्राचां ष्फ तद्धितः। प्राचां षष्ठ्यन्तं, ष्फ लुप्तप्रथमाकं, तद्धितः प्रथमान्तं, त्रिपदं सूत्रम्। यजश्च से यजः की अनुवृत्ति आती है और प्रातिपदिकात्, प्रत्ययः, परश्च और स्त्रियाम् का पूर्ववत् अधिकार है।

यज् प्रत्ययान्त प्रातिपदिक से स्त्रीत्व विवक्षा में विकल्प से तद्धितसंज्ञक ष्फ प्रत्यय होता है।

षकार का षः प्रत्ययस्य से इत्संज्ञा होकर लोप होता है, फ बचता है। उसमें से केवल फ् के स्थान पर आयनेयीनीयियः फढखछ्यां प्रत्ययादीनाम् से आयन् आदेश होकर आयन बनता है।