Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 57
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VṛttiGovind
LSK 1216
थमु-प्रत्ययविधायकं विधिसूत्रम्
इदमस्थमुः
Aṣṭādhyāyī 5.3.24
Vṛtti Varadarājācārya

थालोऽपवादः।

वार्तिकम्- एतदोऽपि वाच्यः। अनेन एतेन वा प्रकारेण इत्थम्।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

१२१६- इदमस्थमुः। इदमः पञ्चम्यन्तं, थमुः प्रथमान्तं द्विपदमिदं सूत्रम्। प्रत्ययः, परश्च, ड्याप्प्रातिपदिकात्, तद्धिताः का अधिकार है।

प्रकारवचन में इदम् से थमु प्रत्यय होता है।

उकार इत्संज्ञक है, थम् शेष रहता है। यह प्रकारवचने थाल् का अपवाद है।

.....

एतदोऽपि वाच्यः। यह वार्तिक है। एतद् शब्द से भी प्रकारवचन अर्थ में थमु प्रत्यय होता है।

इत्थम्। इस प्रकार से। अनेन प्रकारेण लौकिक विग्रह और इदम् टा अलौकिक विग्रह है। इदमस्थमुः से थमु, अनुबन्धलोप, एतेतौ रथोः से इत् आदेश करके इत्थम्। इसी तरह से एतद् शब्द से एतदोऽपि वाच्यः से थमु प्रत्यय करके एतद् के स्थान पर एतदः इत् आदेश करने पर भी इत्थम् ही बनता है। आगे अव्ययसंज्ञा, सु, उसका लुक् करना तो सामान्य प्रक्रिया ही है।