किमः क्वादेश स्यादिति। क्व, कुत्र।
१२०७- क्वाति। क्व लुप्तप्रथमाकम्, अति सप्तम्यन्तं द्विपदमिदं सूत्रम्। किमः कः से कः
की अनुवृत्ति आती है।
अत् प्रत्यय के परे होने पर किम् के स्थान पर क्व आदेश होता है।
क्व, कुत्र। कहाँ। किम् डसि अलौकिक विग्रह है। त्रल् प्राप्त था, उसे बाधकर
किमोऽत् से अत्, अनुबन्धलोप, क्वाति से किम् के स्थान पर क्व आदेश, क्व+अ बना।
भसंज्ञक अकार का लोप करके क्व+अ=क्व बना। सु आदि करके अव्ययत्वात् विभक्ति का
लुक् करके क्व सिद्ध हुआ।