Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 57
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VṛttiGovind
LSK 1205
ह-प्रत्ययविधायकं विधिसूत्रम्
इदमो हः
Aṣṭādhyāyī 5.3.11
Vṛtti Varadarājācārya

त्रलोऽपवादः। इह।

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Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

१२०५- इदमो हः। इदमः पञ्चम्यन्तं, हः प्रथमान्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। इस सूत्र में

सप्तम्यास्त्रल् से सप्तम्याः की अनुवृत्ति आती है और प्रत्ययः, परश्च, उच्याप्यातिपदिकात्,

तद्धिताः का अधिकार है।

सप्तम्यन्त इदम् शब्द से ह प्रत्यय होता है।

यह सप्तम्यास्त्रल् का अपवाद है।

इह। यहाँ। इदम् डि इस अलौकिक विग्रह में इदमो हः से ह प्रत्यय

प्रातिपदिकसंज्ञा, सुप् का लुक्, इदम इश् से इश् आदेश, अनुबन्धलोप करके इह बना और

सु आदि करके उसका अव्ययत्व के कारण लुक् होने से इह सिद्ध हुआ।