Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 54
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VṛttiGovind
LSK 1157
टिलोपविधायकं विधिसूत्रम्
टेः
Aṣṭādhyāyī 6.4.155
Vṛtti Varadarājācārya

भस्य टेर्लोप इष्ठेमेयस्सु। पृथोर्भावः प्रथिमा-

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

११५७- टे:। टे: षष्ठ्यन्तमेकपदं सूत्रम्। भस्य का अधिकार है और अल्लोपोऽनः से

लोपः की तथा तुरिष्ठेमेयस्सु से इष्ठेमेयस्सु की अनुवृत्ति आती है।

इष्ठन्, इमनिच् और इयसुन् प्रत्यय के परे होने पर भसंज्ञक टि का लोप होता है।

इकार या अकार के अन्त में न होने पर यस्येति च से लोप प्राप्त नहीं होता, ऐसे शब्दों का टिलोप करने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ती है।