हिमवतः प्रभवति हैमवती गङ्गा।
११०३- प्रभवति। प्रभवति क्रियापदम् एकपदमिदं सूत्रम्। इस सूत्र में तत आगतः से ततः और प्राग्दीव्यतोऽण् से अण् की अनुवृत्ति आती है। प्रत्ययः, परश्च, ड्याप्प्रातिपदिकात्, तद्धिताः, समर्थानां प्रथमाद्वा और शेषे का अधिकार है।
पञ्चम्यन्त समर्थ प्रातिपदिक से 'प्रभवति' अर्थात् सर्वप्रथम प्रकाशित होना या दिखाई देना अर्थ में अण् आदि प्रत्यय होते हैं।
हैमवती गङ्गा। हिमालय में सर्वप्रथम दिखाई देने वाली गङ्गा। हिमवतः प्रभवति लौकिक विग्रह और हिमवत् डसि अलौकिक विग्रह है। प्रभवति से अण् हुआ, अनुबन्धलोप, प्रातिपदिकसंज्ञा, सुप् का लुक् कर हिमवत्+अ बना है। णित् होने के कारण आदिवृद्धि करके इकार के स्थान पर ऐकार आदेश, हैमवत्+अ=हैमवत बना। हैमवत् यह शब्द स्त्रीलिङ्ग गङ्गा का विशेषण होने के कारण स्त्रीलिङ्ग में डीप् होकर हैमवती बना। सु के बाद नदी की तरह हैमवती सिद्ध हुआ।