Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 48
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VṛttiGovind
LSK 1083
म-प्रत्ययविधायकं विधिसूत्रम्
मध्यान्मः
Aṣṭādhyāyī 4.3.8
Vṛtti Varadarājācārya

मध्यमः।

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Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

१०८३- मध्यान्मः। मध्यात् पञ्चम्यन्तं, मः प्रथमान्तं, द्विपदं सूत्रम्। प्रत्ययः, परश्च, ड्याण्प्रातिपदिकात्, तद्धिताः, समर्थानां प्रथमाद्वा और शेषे का अधिकार है।

..... मध्य शब्द से शैषिक अर्थ में 'म' प्रत्यय होता है।

मध्यमः। मध्य में होने वाला या उत्पन्न। मध्ये जातः यह लौकिक विग्रह है और मध्य डि यह अलौकिक विग्रह है। मध्यान्मः से म प्रत्यय, प्रातिपदिकसंज्ञा, सुप् का लुक् करके मध्यम बना। स्वादिकार्य करके मध्यमः सिद्ध हुआ।