१०६३- कुमुदनडवेतसेभ्यो इमतुप्। कुमुदश्च नडश्च वेतसश्च तेषामितरेतरयोगद्वन्द्वः कुमुदनडवेतसास्तेभ्यः। कुमुदनडवेतसेभ्यः पञ्चम्यन्तं, इमतुप् प्रथमान्तं, द्विपदं सूत्रम्। प्रत्ययः, परश्च, ड्याप्प्रातिपदिकात्, तद्धिताः, समर्थानां प्रथमाद्वा का पीछे से ही अधिकार आ रहा है।
कुमुद, नड, वेतस इन तीन समर्थ सुबन्त प्रातिपदिकों से चातुरर्थिक ड्मतुप् प्रत्यय होता है।
डकार, उकार और पकार इत्संज्ञक हैं, मत् बचता है। टे: से टि का लोप करने के लिए डित्करण है।