यून्यपत्ये गोत्रप्रत्ययान्तादेव प्रत्ययः स्यात् स्त्रियां तु न युवसंज्ञा।
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१०११- गोत्राद्यून्यस्त्रियाम्। गोत्रात् पञ्चम्यन्तं, यूनि सप्तम्यन्तम्, अस्त्रियाम् सप्तम्यन्तं, त्रिपदमिदं सूत्रम्।
युवापत्य विवक्षित होने पर गोत्रप्रत्ययान्त से ही प्रत्यय हो परन्तु स्त्रीलिङ्ग में युवसंज्ञा नहीं होती।
यह नियम सूत्र है। यदि युवापत्य अर्थ में प्रत्यय करना हो तो वह गोत्रप्रत्ययान्त से ही हो, मूलप्रकृति से न हो।