९४०- तत्पुरुषः समानाधिकरणः कर्मधारयः। तत्पुरुषः प्रथमान्तं, समानाधिकरणः प्रथमान्तं, कर्मधारयः प्रथमान्तं, त्रिपदमिदं सूत्रम्।
जिस समास में पूर्वपद और उत्तरपद एक ही विभक्ति के हों, उस समास की कर्मधारयसंज्ञा होती है।
कर्मधारयसंज्ञा के साथ तत्पुरुष भी बना रहता है इसीलिए कर्मधारय को तत्पुरुष का एक भेद माना जाता है।