अधिकारोऽयं प्राक्तत्पुरुषात्।
१०७- अव्ययीभावः। अव्ययीभावः प्रथममान्तम्, एकपदमिदं सूत्रम्। यह अधिकार सूत्र है।
तत्पुरुषः इस सूत्र से पहले तक अव्ययीभावः का अधिकार है।
यह सूत्र तत्पुरुषः से पहले तक के सभी सूत्रों में जा कर कहता है कि तुमने जो समास किया है- उसे अव्ययीभाव-समास कहते हैं।