क्रियासिद्धौ प्रकृष्टोपकारकं करणसंज्ञं स्यात्।
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८९४- साधकतमं करणम्। साधकतमं प्रथमान्तं, करणं प्रथमान्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। इस सूत्र में भी कारके का अधिकार है।
क्रिया की सिद्धि में अत्यन्त सहायक कारक की करणसंज्ञा होती है।
श्यामः वाहनेन आपणं गच्छति- श्याम गाड़ी से बाजार जाता है। इस वाक्य में