Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 29
Show
VṛttiGovind
LSK 747
परस्मैपदविधायकं सूत्रम्
प्राद्वहः
Aṣṭādhyāyī 1.3.81
Vṛtti Varadarājācārya

प्रवहति।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

७४७- प्राद्वहः। प्रात् पञ्चम्यन्तं, वहः पञ्चम्यन्तं, द्विपदं सूत्रम्। शेषात् कर्तरि परस्मैपदम् से कर्तरि और परस्मैपदम् की अनुवृत्ति आती है।

प्र उपसर्ग से परे वह धातु से परस्मैपद होता है।

प्रवहति। भ्वादि गण में वह प्रापणे धातु उभयपदी है। प्र उपसर्ग से परे होने पर कर्तृगामी क्रियाफल में भी परस्मैपद के विधान के लिए प्राद्वहः आया। इससे परस्मैपद होने पर प्रवहति सिद्ध हुआ।