Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 26
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VṛttiGovind
LSK 724
लोपविधयकं विधिसूत्रम्
क्यस्य विभाषा
Aṣṭādhyāyī 6.4.50
Vṛtti Varadarājācārya

हलः परयोः क्यच्चक्यङोलोपो वार्धधातुके। आदेः परस्य। अतो लोपः।

तस्य स्थानिवत्त्वाल्लघूपधगुणो न। समिधिता-समिध्यिता।

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Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

७२४- क्यस्य विभाषा। क्यस्य षष्ठ्यन्तं, विभाषा प्रथमान्तं, द्विपदं सूत्रम्। यस्य हलः से हलः और अतो लोपः से लोपः की अनुवृत्ति आती है। आर्धधातुके का अधिकार है।

हल् से परे यच्च और क्यङ् का विकल्प से लोप होता है आर्धधातुक के परे होने पर।