इत्यधिकृत्य।
५६३- आर्धधातुके। आर्धधातुके सप्तम्यन्तम् एकपदमिदं सूत्रम्। यह अधिकार सूत्र है।
आर्धधातुक में या आर्धधातुक की विवक्षा में।
आर्धधातुके का अधिकार ण्यक्षत्रियार्षजितो लुगणिजोः २।४।५८। तक जाता है। आर्धधातुके इस पद में विषय-सप्तमी मानकर आर्धधातुक के विषय में ऐसा अर्थ किया जाता है न कि पर सप्तमी मानकर आर्धधातुके परे रहते ऐसा। आर्धधातुके के अधिकार में जो कार्य होगा वह आर्धधातुक के परे नहीं अपितु आर्धधातुक के विषय में या आर्धधातुक की विवक्षा में होगा।