Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 12
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VṛttiGovind
LSK 535
लत्वविधायकं विधिसूत्रम्
उपसर्गस्यायतौ
Aṣṭādhyāyī 8.2.19
Vṛtti Varadarājācārya

अयतिपरस्य उपसर्गस्य यो रेफस्तस्य लत्वं स्यात्। प्लायते। पलायते।

आम्बिधायकं विधिसूत्रम्

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

५३५- उपसर्गस्यायतौ। उपसर्गस्य षष्ठ्यन्तम्, अयतौ सप्तम्यन्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। कृपो रो लः से रः और लः की अनुवृत्ति आती है।

अय् धातु के परे होने पर उपसर्ग के रेफ को लकार आदेश होता है।

प्लायते। प्र पूर्वक अयते में उपसर्गस्यायतौ से प्र के रेफ के स्थान पर लत्व करके प्ल+अयते बना। सवर्णदीर्घ होकर प्लायते सिद्ध हुआ। इसी तरह परा+अयते में लत्व होकर पला+अयते=पलायते बनता है।