Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 12
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VṛttiGovind
LSK 529
णिलोपविधायकं विधिसूत्रम्
णेरनिटि
Aṣṭādhyāyī 6.4.51
Vṛtti Varadarājācārya

अनिडादावार्धधातुके परे णेर्लोपः स्यात्।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

५२९- णेरनिटि। णेः षष्ठ्यन्तम्, अनिटि सप्तम्यन्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। आर्धधातुके का अधिकार है। अतो लोपः से लोपः की अनुवृत्ति आती है।

इद् आदि में न हो ऐसे आर्धधातुक के परे होने पर णि का लोप होता है।

इस सूत्र में सामान्य णि का ग्रहण है अर्थात् अनुबन्ध नहीं लगा है। अतः णिङ् और णिच् दोनों के णि के इकार का लोप हो जायेगा।