अनिडादावार्धधातुके परे णेर्लोपः स्यात्।
५२९- णेरनिटि। णेः षष्ठ्यन्तम्, अनिटि सप्तम्यन्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। आर्धधातुके का अधिकार है। अतो लोपः से लोपः की अनुवृत्ति आती है।
इद् आदि में न हो ऐसे आर्धधातुक के परे होने पर णि का लोप होता है।
इस सूत्र में सामान्य णि का ग्रहण है अर्थात् अनुबन्ध नहीं लगा है। अतः णिङ् और णिच् दोनों के णि के इकार का लोप हो जायेगा।