आमः परस्य लुक्।
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आम् से परे ( प्रत्यय ) का लुक् होता है।
इस तरह आम् के परे जो लिट् आदि हैं, उनका लुक् हो जाता है। गोपायाम्+अ में लिट् लकार सम्बन्धी अ के इससे लुक् हो जाने से गोपायाम् मात्र शेष रहा है।