Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 12
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VṛttiGovind
LSK 470
अल्लोपविधायकं विधिसूत्रम्
अतो लोपः
Aṣṭādhyāyī 6.4.48
Vṛtti Varadarājācārya

आर्धधातुकोपदेशे यददन्तं तस्यातो लोप आर्धधातुके।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

आर्धधातुक प्रत्यय के उपदेश के समय जो अदन्त अङ्ग, उसके अन्त्य अत् (ह्रस्व अकार) का लोप हो जाता है आर्धधातुक के ही परे होने पर।

आर्धधातुक के उपदेश के समय अदन्त है गोपाय और आर्धधातुक परे है आम्। अतः गोपाय के अकार का लोप हो जाता है जिससे गोपाय+आम्=गोपायाम्+अ बना। ४७१- आमः। आमः पञ्चम्यन्तम् एकपदमिदं सूत्रम्। ण्यक्षत्रियार्षजितो यूनि लुगणिञोः से लुक् की अनुवृत्ति आती है।