गुरु स्यात्।
४५०- दीर्घञ्च। दीर्घं प्रथमान्तं, च अव्ययपदं, द्विपदमिदं सूत्रम्। संयोगे गुरु से गुरु की अनुवृत्ति आती है।
दीर्घ भी गुरुसंज्ञक होता है।