अभ्यासस्याचो ह्रस्वः स्यात्।
३९७- ह्रस्वः। ह्रस्वः प्रथमान्तम् एकपदमिदं सूत्रम्। अत्र लोपोऽभ्यासस्य से अभ्यासस्य की अनुवृत्ति आती है।
अभ्यास के अच् को ह्रस्व होता है।
भू में ऊकार के स्थान पर ह्रस्व होकर उकार बन जाता है।