Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 12
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VṛttiGovind
LSK 393
वुगागमविधायकं विधिसूत्रम्
भुवो वुग्लुङ्लिटोः
Aṣṭādhyāyī 6.4.88
Vṛtti Varadarājācārya

भुवो वुगागमः स्याल्लुङ्लिटोरचि।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

३९३- भुवो वुग् लुङ्लिटोः। लुङ् च लिट् च तयोरितरेतरद्वन्द्वः, तयोः लुङ्लिटोः। भुवः षष्ठ्यन्तं, वुक् प्रथमान्तं, लुङ्लिटोः षष्ठ्यन्तं, त्रिपदमिदं सूत्रम्। अचि श्नुधातुभ्रुवां य्वोरियङ्कुवङौ से अचि की अनुवृत्ति आती है।

लुङ् और लिट् लकार से सम्बन्धित अच् के परे रहने पर भू धातु को वुक् आगम होता है।

वुक् में ककार और उकार की इत्संज्ञा हो जाती है, केवल व् बचता है। ककार

की इत्संज्ञा होने के कारण कित् हुआ और आद्यन्तौ टकितौ के नियम से अन्तावयव होकर बैठता है। भू को वुक् आगम हुआ है, अतः भू के अन्त में बैठेगा।