पूर्व कृतमनेन पूर्वी।
११८२- पूर्वादिनिः। पूर्वात् पञ्चम्यन्तम्, इनिः प्रथमान्तं, द्विपदं सूत्रम्। श्राद्धमनेन भुक्तमिनिठनौ से अनेन की अनुवृत्ति आती है। प्रत्ययः, परश्च, ड्याप्प्रातिपदिकात्, समर्थानां प्रथमाद्वा और तद्धिताः का अधिकार आ ही रहा है।
क्रियाविशेषण वाले ‘पूर्व’ शब्द से ‘अनेन’ अर्थात् इससे किंवा कर्ता अर्थ में इनि प्रत्यय होता है।
अन्त्य इकार इत्संज्ञक है, इन् बचता है।
पूर्वी। पहले कर चुका व्यक्ति। पूर्व कृतम् अनेन ऐसा विग्रह है। पूर्व अम् में पूर्वादिनिः से इनि प्रत्यय, अनुबन्धलोप, प्रातिपदिकसंज्ञा, सुप् का लुक् करके पूर्व+इन् बना। भसंज्ञक अकार का लोप, वर्णसम्मेलन करके पूर्विन् बना। इससे शाङ्गी की तरह सौ च से दीर्घ करके पूर्वी, पूर्विणौ, पूर्विणः आदि रूप बनते हैं।