एकार्थवाचिनोर्युष्मदस्मदोस्तवक-ममकौ स्तः, खञि अणि च।
तावकीनः, तावकः। मामकीनः, मामकः। छे तु-
.....
१०८१- तवकममकावेकवचने। तवकश्च ममकश्च तयोरितरेतरयोगद्वन्द्वस्तवकममकौ। तवकममकौ प्रथमान्तम्, एकवचने सप्तम्यन्तं द्विपदमिदं सूत्रम्। यह सूत्र भी पूर्वसूत्र की तरह ही काम करता है।
केवल एकवचन का विषय हो तो खजू और अण् के परे होने पर युष्मद् और अस्मद् शब्द के स्थान पर तवक और ममक आदेश होते हैं।
यहाँ पर यथासंख्यमनुदेशः समानाम् के नियम से युष्मद् के स्थान पर तवक और अस्मद् के स्थान पर ममक आदेश होंगे।