Premabase · Laghu-siddhānta-kaumudī · Prakaraṇa 15
Show
VṛttiGovind
LSK 642
लुग्विधायकं विधिसूत्रम्
चिणो लुक्
Aṣṭādhyāyī 6.4.104
Vṛtti Varadarājācārya

चिणः परस्य लुक् स्यात्।

Hindi commentary Govind Prasad Sharma · śrīdhara-mukhollāsinī

६४२- चिणो लुक्। चिणः पञ्चम्यन्तं, लुक् प्रथमान्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्।

चिण् से परे (तशब्द का) लुक् होता है।

यह सूत्र अङ्गाधिकार में है अर्थात् अङ्गस्य का अधिकार आता है। अङ्ग से परे प्रत्यय यहाँ पर केवल त ही मिलता है क्योंकि केवल त के परे ही चिण् हुआ है।