अजाद्योरार्धधातुकयोः क्ङिदिटोः परयोरातो लोपः।
पपतुः। पपुः। पपिथ, पपाथ। पपथुः। पप। पपौ। पपिव। पपिम। पाता।
पास्यति। पिबतु। अपिबत्। पिबेत्।
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४८९- आतो लोप इटि च। आतः षष्ठ्यन्तं, लोपः प्रथमान्तम्, इटि सप्तम्यन्तं, च अव्ययपदम्, अनेकपदमिदं सूत्रम्। आर्धधातुके का अधिकार है और दीडो युडचि क्ङिति से क्ङिति की अनुवृत्ति आती है।
अजादि आर्धधातुक कित्, ङित् प्रत्यय और आर्धधातुक इट् आगम के परे रहते आकार का लोप होता है।
पपतुः। पा धातु से लिट्, तस्, अतुस् आदेश, लिट् च से आर्धधातुकसंज्ञा पा अतुस् में द्वित्व, ह्रस्व, पपा अतुस् हुआ। अजादि आर्धधातुक परे है अतुस्, अतः आतो लोप इटि च से पपा के आकार का लोप हुआ पप् अतुस् बना। वर्णसम्मेलन और सकार को रुत्वविसर्ग हुआ- पपतुः। इसी प्रकार से पपुः भी बनाइये।
पपिथ-पपाथ। पा धातु से लिट्, सिप्, थल्, द्वित्व, ह्रस्व करके पपा थ बना है। आर्धधातुकस्येड् वलादेः से इट् प्राप्त था, उसका एकाच उपदेशेऽनुदात्तात् से निषेध प्राप्त हुआ तो उसे भी बाधकर ऋतो भारद्वाजस्य से वैकल्पिक इट् हुआ। इट् होने के पक्ष में आतो लोप इटि च से आकार का लोप होकर पप्+इथ हुआ और वर्णसम्मेलन करके पपिथ सिद्ध हो गया। इट् के न होने के पक्ष में पपाथ ही रह जायेगा।
पपथुः। पप। इन दोनो में लिट्, थस् और थ, उनके स्थान पर अथुस् और अ आदेश करके द्वित्व, ह्रस्व, आतो लोप इटि च से आकार का लोप करके वर्णसम्मेलन करें।
पपौ। जैसे प्रथमपुरुष के णल् में बनाया था, उसी प्रकार से उत्तमपुरुष के णल् में भी बनाइये।
पपिव। पपिम। इन दोनों प्रयोग में आर्धधातुकस्येड् वलादेः से इट् और आतो लोप इटि च से आकार का लोप करना न भूलें।
इस प्रकार से पा धातु के लिट् लकार में पपौ, पपतुः, पपुः, पपिथ-पपाथ, पपथुः, पप, पपौ, पपिव, पपिम ये रूप सिद्ध हुए।
एकाच उपदेशेऽनुदात्तात् से इट् निषेध होने के कारण यह धातु अनिट् है। अतः तासि, स्य, सिच् के परे रहने पर भी इट् का आगम नहीं होगा।
पाता। पा धातु से लुट्, तिप्, तासि, इट् प्राप्त, इट् का निषेध, डा आदेश, टि का लोप करके पाता बन जाता है। पाता, पातारौ, पातारः, पातासि, पातास्थः, पातास्थ, पातास्मि, पातास्वः, पातास्मः।
लृट्- पास्यति, पास्यतः, पास्यन्ति, पास्यसि, पास्यथः, पास्यथ, पास्यामि, पास्यावः, पास्यामः।
लोट्- पिबतु-पिबतात्, पिबताम्, पिबन्तु। पिब-पिबतात्, पिबतम्, पिबत, पिबानि, पिबाव, पिबाम।
लङ्- अपिबत्, अपिबताम्, अपिबन्, अपिबः, अपिबतम्, अपिबत, अपिबम्, अपिबाव, अपिबाम।
विधिलिङ्- पिबेत्, पिबेताम्, पिबेयुः, पिबेः, पिबेतम्, पिबेत, पिबेयम्, पिबेव, पिबेम।