लोट इकारस्य उ:। भवतु।
४११- एरु:। ए: षष्ठ्यन्तम्, उ: प्रथमान्तं, द्विपदमिदं सूत्रम्। इस सूत्र में लोटो लङ्वत् से लोट: की अनुवृत्ति आती है।
लोट् लकार सम्बन्धी इकार के स्थान पर उकार आदेश होता है।
लोट् लकार में जो भी इकार मिलेगा, उसके स्थान पर यह सूत्र उकार-आदेश करता है।